कोविड-19: अब तक 162 डॉक्टरों, 107 नर्सों समेत 44 आशा कार्यकर्ताओं की मौत

राज्यसभा में मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कोरोना संक्रमण से मरने वाले डॉक्टरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी से अबतक देश में 162 डॉक्टरों, 107 नर्सों और 44 आशा कार्यकर्ताओं की मौत हुई। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 28 जनवरी तक अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या बढ़कर अब 1,57,344 हो गई है। उन्होंने बताया इस दौरान आईसीयू सुविधा वाले बेड की संख्या 27,360 से बढ़कर 36,008 हो गई है। केंद्र सरकार ने कहा कि सितंबर 2020 तक देश के 63 जिलों में कोई ब्लड बैंक नहीं है।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र और केरल में कोरोना वायरस को लेकर हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोनों राज्यों में हाईलेवल मल्टी डिस्प्लिनरी टीमों को भेजने का फैसला लिया है। ये टीमें कोरोना वायरस प्रबंधन में राज्यों की मदद करेंगी। बता दें सोमवार को देश में करीब 8 हजार नए मामले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि जहां देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मामले कम हो रहे हैं, वहीं, केरल और महाराष्ट्र वायरस संक्रमण के मामलों में 70 फीसदी का योगदान दे रहे हैं। महाराष्ट्र कोरोना वायरस से देश का सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य भी है। इन दोनों राज्यों में कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए दो हाई लेवल टीमें तैनात की जा रही हैं। इसमें नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के एक्सपर्ट्स और नई दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
केरल जाने वाली टीम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ तिरुवनंतपुरम् स्थित क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के एक्सपर्ट्स शामिल होंगे।