सरकारी अस्पताल के वार्ड ब्वाय की मौत की वजह कोरोना वैक्सीन नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

कोरोना वैक्सीनेशन का काम शिनवार से शुरु हो गया इसी के साथ शुरु हो गया वैक्सीन का साइड इफेक्ट। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 447 लोगों में साइड इफेक्ट की बात स्वीकार की है। इस बीच मुरादाबाद सरकारी अस्पताल में एक वार्ड ब्वाय की मौत से हड़कंप मचा है। परिजनों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद महिपाल सिंह की मौत हो गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिपाल सिंह की मौत का कारण हार्टअटैक बताया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के ज़िला अस्पताल में वार्ड ब्‍वॉय के पद पर तैनात 46 वर्षीय महिपाल सिंह की रविवार को अचानक तबीयत खराब होने की वजह से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि महिपाल सिंह को 16 जनवरी को कोरोना लगाई गई थी और उनकी मौत टीका की वजह से हुई है। मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एमसी गर्ग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि महिपाल के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक आई है।
मुरादाबाद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने भी महिपाल की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है। बकौल जिलाधिकारी, महिपाल की मौत के बाद कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल 46 वर्षीय महिपाल सिंह को टीकाकरण अभियान के तहत कोरोना वैक्सीन लगाई गई थी। वैक्सीन लगाने के बाद वह अपने घर लौट आए थे। घर पर अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकले लेकिन महिपाल की रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कोरोना वैक्सीन लगाने के पहले महिपाल सिंह की मेडिकल जांच नहीं कराई गई थी।
महिपाल की मौत की सूचना पर सीएमओ एससी गर्ग उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि महिपाल को सीने में जकड़न की शिकायत थी उसके बाद उन्हे अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिवीजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए उनका पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें उनकी मौत की वजह हार्टअटैक सामने आई।
सीएमओ एससी गर्ग के मुताबिक टीकाकरण अभियान के तहत 479 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण कराया गया और सभी स्वस्थ हैं। महिपाल के परिवारीजनों के मुताबिक महिपाल को निमोनिया था जिसका इलाज चल रहा था।