कोरोना संक्रमणः इतनी लापरवाही, न मास्क न सेनिटाइजेशन, भुगतना तो पड़ेगा ही…

न मास्क पहन रहे हैं न सेनिटाइजेश की कोई फिक्र, न जांचे न कोई सावधानी, सरकार को दोषी बनाएंगे, स्वास्थ्य सेवाओं को दोष देंगे लेकिन खुद से सावधान रहने की कोई फिक्र नहीं। भुगतेगा कौन, कोरोना महामारी को लेकर अगर खुद पहल नहीं करेंगे तो इसका परिणाम तो खुद को ही भुगतना होगा। महामारी एक बार फिर मुंह बाए हमारी तरफ तेजी से बढ़ रही है। महाराष्ट्र, इंदौर, पंजाब के साथ कई अन्य राज्यों ने कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। अब यूपी भी धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ रहा है जहां से जिंदगी एक बार ठहर चुकी है। जनवरी के बाद फिर राजधानी में कोरोना संक्रमण के मरीज मिले हैं। ये संक्रमण आपको सावधान करने के लिए पर्याप्त है।
उत्तर प्रदेश में 151 कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि रविवार को कम संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने कुछ राहत की सांस ली है लेकिन उन्होंने कहा, इसी तरह लोगों की लापरवाहियों रहीं तो कोरोना संक्रमण के फैलने से कोई रोक नहीं सकता है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य मोहन प्रसाद के अनुसार- प्रदेश में अब तक 605441 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 5,94,855 लोग ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि लखनऊ में बीते दिनों 35 नए कोरोना संक्रमितों को पता चला है।
राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमितों को आंकड़ा धीरे-धारे बढ़ रहा है। यह तब है जब पहले हो रही 10 हजार जांचों के मुकाबले 5 हजार के आस-पास चल रहा है। इसकी वजह केवल लोगों की लापरवाहियां हैं और ये हर स्तर पर बरती जा रही हैं। इसमें प्रमुख है जाचों का दायर न बढ़ना।
कोरोना संक्रमित राज्यों से आने वाले यात्रियों में से महज 10 फीसदी की जांच हो पा रही है। सीएम योगी के बार-बार कहने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाहियां भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को लेकर बेहद लापरवाही रुख रख रहा है।
कोरोना संक्रमितों की संख्या में आई अचानक तेजी को देखते हुए अब जानकर प्रशासन में मातहतों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। काश ये पहले जाग जाते। डीएम अभिषेक प्रकाश अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह डोर-टू-डोर सर्वे कर संक्रमितों की जांच करें। इसके अलावा उन्होंने पुराने कंटेनमेंट जोन में पुलिस की तैनाती के लिए कहा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि, रोडवेज, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल की तैनाती के साथ आने वालों की सैंपलिंग होगी। क्लिनिक, डायलसिस सेंटर व अस्पतालों के स्टाफ की भी टारगेट टेस्टिंग। मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन। 10 बड़े अस्पतालों में आने वाले बुजूर्गों का टीकाकरण। नए केस से संपर्क में आने वालों की जांच। नगर आयुक्त और मुख्य विकास अधिकारी रोजाना के कार्यों की समीक्षा करेंगे।