सैनिकों की जुबानी बर्बता की कहानी – चीनी सैनिक कंटीले तार लगे लोहे के रॉड से कर रहे थे जवानों की हत्या

Last Updated : by

18 Views
लद्दाख में भारत और चीन के बीच तकरीबन डेढ़ माह से बना तनाव अब गंभीर हो चला है। सोमवार की रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमला बोल दिया। इस हमले में 20 भारतीय जवानों की मौत हो गई। यह आंकड़ा बढ़ सकता है। लेकिन इस हमले में घायल जवानों की दास्ता सुनकार रूह कांप जाएगा। उन्होंने बताया किस बर्बर तरीके से चीनी सैनिक भारतीय जवानों की जान ले रहे थे।
इस हमले के बाद इलाज करा रहे भारतीय जवानों द्वारा दी गई सूचना की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चीनी सैनिकों ने कंटीले तार लगे लोहे के रॉड से भारतीय जवानों पर हमले किए। इस हमले में 16 बिहार रेजीमेंट के जवानों की हत्या की गई।
चीनी सैनिकों द्वारा की गई ऐसी बर्बरता आधुनिक सेनाओं के द्वारा किया जाना कम सुनने में आता है। चीनी सैनिकों की इस बर्बता में अब तक जानकारी के मुताबिक 23 भारतीय जवानों की मौत हो चुकी है। इनमें 16बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू भी शामिल हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि कई घायल सैनिकों की मौत शून्य से कम तापमान में लगातार बने रहने के कारण हुई।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया, झड़प के दौरान चीनी सैनिकों ने उन भारतीय जवानों को भी मार डाला जिनके पास कोई हथियार नहीं थे। इसके अलावा कुछ भारतीय सैनिक अपनी जान बचाने के लिए गलवान नदी में छलांग लगा दी। सूत्रों के मुताबिक कम से कम 24 जवान जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं और तकरीबन 110 जवानों को इलाज की जरुरत है।
दरअसल गलवान घाटी में ये हिंसक झड़प भारतीय सेना सेना द्वारा चीनी टेंट (कोडनेम-Patrol Point 14) हटाए जाने के बाद शुरू हुई। इस चीनी टेंट को कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में सैनिकों ने हटाया था। भारतीय सेना ने अपनी सीमा के भीतर इस चीनी टेंट को इसलिए हटाया था, क्योंकि भारतीय सेना के अधिकारी हरिंदर सिंह और चीनी सेना के अधिकारी लिन लिऊ की बैठक के बाद इस टेंट को लगाया गया था। कर्नल बाबू की यूनिट को इस टेंट को हटाए जाने के आदेश दिए गए थे। चीनी सैनिकों ने ये प्वाइंट छोड़ने से इनकार कर दिया था।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने संतोष बाबू और उनकी टीम को इस झड़प के लिए जिम्मेदार बताया है। चीनी सेना का कहना है कि भारतीय सेना की इस टीम ने दोनों देशों की टुकड़ियों के बीच की सीमा को लांघा, जिससे बॉर्डर मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ।
संतोष बाबू की टीम द्वारा टेंट जलाए जाने के बाद चीनी सैनिकों की तरफ से पत्थरबाजी हुई थी। ऊंचाई पर मौजूद चीनी सैनिकों की तरफ से भारतीय सैनिकों पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। कई भारतीय सैनिकों की लाशें चीनी सेना ने भारतीय सेना को वापस की थीं। माना जा रहा है हिंसक झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों को चीनी सीमा में खींच कर मारा गया होगा। अभी तक चीनी सेना की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि बातचीत के बाद भी फिर क्यों भारतीय सीमा में टेंट लगाया गया था।