मुर्गों की लड़ाई में मुर्गे की मार से मुर्गा मालिक की मौत, जानिए हैरान करने वाला मामला

गजब का उत्साह होता है इस जानलेवा खेल में। दो पक्षी अपने मालिकों की शान में लड़ते हैं, मालिक की मूछ नीचे न हो जाए इसलिए जान का परवाह नहीं करते और मालिक उनके हर वार पर मूल्य बढ़ा देते हैं। लेकिन बेचारों की किश्मत में कटना ही होता है। लेकिन यहां पर माजरा कुछ और ही है। यहां कुछ ऐसा घटा की सब हैरान हैं, आखिर ऐसा हुआ तो कैसे, कि मुर्गे की लड़ाई में मुर्गे की मार से मुर्गे के मालिक की मौत कैसे हो गई, आइए जानते हैं दरअसल हुआ क्या था…
हैरान करने वाला मामला
देश के अलग-अलग हिस्सों में मुर्गों की लड़ाई मनोरंजन का बड़ा हिस्सा माना जाता है। मुर्गों की लड़ाई लोगों के लिए मुछों का सवाल बन जाती है। इस खेल के बारे में आपने भी काफी कुछ सुना और जाना होगा। लेकिन क्या आपने इस लड़ाई में मुर्गे के मालिक की जान जाने की घटना कभी सुनी है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां मुर्गों की लड़ाई के दौरान मुर्गा मालिक की जान चली गई।
मुर्गे के पैर में लगे ब्लेड से कट गई गले की नस
दरअल गांव में मुर्गे की लड़ाई का आयोजन किया गया था। इस लड़ाई में असीम महतो भी अपने मुर्गे को लड़ाई में उतारा था। लड़ाई के दौरान वह अपने मुर्गे की हौसला आफजाई कर रहा था। असीम महतो का मुर्गा इस लड़ाई में जीत गया। जब असीम महतो लड़ाई में हारे मुर्गे को अपने कंधे पर डालक ले जा रहा था उसी वक्त एक अन्य मुर्गे ने असीम के कंधे पर टंगे मरे मुर्गे पर हमला कर दिया। जिस मुर्गे ने हमला किया उसके पैर में ब्लेड लगा था। अचानक उस ब्लेड से असीम के गर्दन की कोई नस कट गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आध्र प्रदेश में भी ऐसे हुई थी एक शख्स की मौत
इस घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि इस इलाके में मुर्गों की लड़ाई का गैरकानूनी आयोजन किया जाता है। जीतने वाले को इनाम के तौर पर मरा मुर्गा दिया जाता है। बता दें इस साल जनवरी में भी आंध्र प्रदेश में मुर्गे की लड़ाई में एक शख्स की मौत हो गई थी।