वेब सीरीज तांडव के ‘निर्माताओं’ और सैफ अली खान के खिलाफ केस दर्ज, पूछताछ के लिए लखनऊ पुलिस मुंबई रवाना

अमेजन प्राइम की नई वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यूपी पुलिस ने सीरीज के निर्माताओं और कलाकारों केखिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। बतादें इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किए जाने का आरोप लगाया गया है। सीएम योगी के एक अधिकारी ने इस मामले को लेकर सख्त टिप्पणी की है। जानकारी के अनुसार तांडव के निर्देशक और लेकर से पूछताछ के लिए लखनऊ पुलिस मुंबई के लिए रवाना हो गई है। इस टीम में चार पुलिस अधिकारी शामिल हैं। लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में तांडव के निर्देशक और लेखक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार मुकदमें में शामिल सभी पांचों को नोटिस भेजकर तलब किया जाएगा। सीरीज के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, लेखक और अमेजन के अधिकारियों को पुलिस तलब कर सकती है। बतादें तांडव सीरीज में पीएम केपद को ग्रहण करने वाले व्यक्ति का चित्रण बेहद आपत्तिजनक तरीके से दर्शाया गया है।
इस मामले में डायरेक्टर अली अब्बास जफर, निर्देशक हिमांशु कृष्ण मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी और अमेजन प्राइम की कंटेन्ट इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित के खिलाफ देर रात मुकदमा दर्ज कराया गया। यह मुकदमा लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव की तहरीर पर लिखी गई है।
बतादें कथित रूप से केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने महाराष्ट्र के भाजपा नेता राम कदम की शिकायत के बाद इस मामले में अमेजन प्राइम से जवाब मांगा था। इस सीरीज के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर सहित एमेजॉन प्राइम के इंडिया ओरिजिनल कंटेंट के हेड पर इस सीरीज के जरिए देश में धार्मिक शत्रुता और पूजा के स्थान का अपमान करने का आरोप लगा है।
इस मामले में सीएम योगी के मीडिया सलाहाकार शलभमणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, ‘जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, घटिया वेब सीरीज की आड़ मं नफरत फैलाने वाली वेब सीरीज तांडव की पूरी टीम के खिलाफ योगीजी के उत्तर प्रदेश में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, जल्द गिरफ्तारी की तैयारी।
अमेजन प्राइम सीरीज पर भाजपा नेताओं के विरोध को देखते हुए अमेजन ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा फिल्मफेडेरशन एलाइड एंड मजदूर यूनियन ने भी फिल्म निर्माताओं पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। फेडरेशन की सोमवार को बैठक होगी जिसमे धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले कंटेंट को लेकर फिल्म बनाने वालों को बैन किया जा सकता है।