कैपिटल हिल हिंसाः ट्रंप ने अपने समर्थकों को बताया दंगाई, कहा, हमले की निंदा करता हूं

दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति रहे डोनाल्ड ट्रंप को अपनी हार बर्दाश्त नहीं हो पा रही है। अमेरिका में 3 नवंबर को हुए चुनाव के बाद यह तय हो गया कि बाइडन ही दुनिया के सबसे ताकतवर देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। लेकिन ट्रंप जनमत को मानने को तैयार नहीं। वह चुनाव में धांधली का आरोप लगाते रहे हैं।
इस बीच वाशिंगटन डीसी स्थिति कैपिटल हिल पर ट्रंप के समर्थक हिंसक हो गए। ट्रंप के समर्थकों ने संसद में तोड़फोड़ की। इस दौरान हिंसा पर उतारु भीड़ की पुलिस से हिंसक झड़प हो गई जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया। अब तक 25 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन को 306 और ट्रंप को 232 वोट मिले। नतीजे साफ होने के बावजूद ट्रंप ने हार नहीं कबूली। उनका आरोप है कि वोटिंग के दौरान और फिर काउंटिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। कई राज्यों में केस दर्ज कराए। ज्यादातर में ट्रंप समर्थकों की अपील खारिज हो गई। दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।
अमेरिका के कैपिटल हिल पर बुधवार को ट्रंप समर्थकों के हिंसक उत्पात के बाद न सिर्फ डेमोक्रेट बल्कि रिपब्लिकन और विश्व के कई नेताओं ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है।आलोचनाओं के बाद ट्रंप ने एक बयान जारी कर न सिर्फ इस हिंसा की निंदा की है बल्कि अपने ही समर्थकों को घुसपैठिया और दंगाई कह दिया है। हालांकि बुधवार तक ट्रंप, उनकी पार्टी के कई नेता और इवांका ट्रंप इन्हीं समर्थकों को ‘देशभक्त’ कह रहीं थीं।
इसके पहले इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और बाइडन की जीत पर मुहर लगाने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेंजेंटेटिव की बैठक शुरू हुई। इसी दौरान ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के सैकड़ों समर्थक संसद के बाहर जुट गए।
नेशनल गार्ड्स और पुलिस इन्हें समझा पाती, इसके पहले ही कुछ लोग अंदर दाखिल हो गए। यूएस कैपिटल और कांग्रेस के बाहर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। इस दौरान गोली भी चली।
घटना के बाद डीसी में मौजूद यूएस आर्मी की स्पेशल यूनिट ने मोर्चा संभाला। 1100 स्पेशल गार्ड्स अब भी कैपिटल हिल के बाहर और अंदर तैनात हैं।
अमेरिकी संसद में हिंसा के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यूयॉर्क के मेयर 1000 नेशनल गार्ड्स को सुरक्षा के लिए भेज रहे हैं। न्यूयॉर्क के मेयर से आदेश मिलने के बाद ये नेशनल गार्ड्स वॉशिंगटन डीसी जाने वाले हैं।
बाइडन ने कहा, ‘यह कोई विरोध नहीं है। यह एक विद्रोह है। मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आह्वान करता हूं कि वह अपनी शपथ पूरी करें और इस घेराबंदी को खत्म करने की मांग करें।
बाइडन ने आगे कहा, ‘मैं साफ कर दूं कि कैपिटल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा हम वैसे नहीं हैं। ये वह लोग हैं, जो कानून को नहीं मानते हैं।
अमेरिकी संसद में ट्रंप समर्थकों के हंगामे के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के कई करीबियों के इस्तीफा दे दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी और सोशल सेक्रेटरी ने इस्तीफा दे दिया है।
अमेरिकी संसद में हुई हिंसा पर प्रधानंत्री मोदी- वॉशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा की खबर से दुखी हूं। शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी तरीके से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा- इतिहास आज का दिन याद रखेगा। एक मौजूदा राष्ट्रपति कैसे अपनी जिद और झूठे दावों को लेकर पद पर बने रहने के लिए गैरकानूनी तरीके अपना रहा है। ये पल हमारे अमेरिका के लिए शर्म और अपमान का है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को 5वें संविधान संशोधन के जरिए आज ही हटाया जा सकता है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने उपराष्ट्पति माइक पेंस से कहा है कि 25वें संविधान संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने की प्रक्रिया शुरु करने के आदेश दिए हैं।