बुलंदशहर शराब कांडः मुख्य आरोपी कुलदीप गिरफ्तार, आबकारी विभाग के 7 अधिकारियों पर गिरी गाज

बुलंदशहर में जहरीली शराब मामले की जांच करते पुलिस अधिकारी
सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद जहरीली शराब का कारोबार रुक नहीं पा रहा है। जहरीली शराब के सेवन से सूबे में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है लेकिन न तो विभाग न सरकार इस पर लगाम लगा पा रही है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रही इन मौत की भट्टियों में अब तक सैकड़ों मजदूर जलकर खाक हो गए, बच्चे अनाथ हुए और महिलाएं विधवा हो गईं। एक बार बुलंदशहर में ऐसा ही हुआ। जहरीली शराब ने 5 लोगों को लील लिया।
इस मामले में शुक्रवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी (SSP) संतोष कुमार- मुख्य आरोपी कुलदीप को दिल्ली से हिरासत में लिया गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है।
अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी- सीएम योगी के निर्देश पर संयुक्त आबकारी आयुक्त राजेश मणि त्रिपाठी और उप आबकारी आयुक्त सुरेश चंद्र पटेल को उनके पद से हटाया गया है। इन दोनों बड़े अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है। इनके अलावा जिला आबकारी अधिकारी बुलंदशहर संजय कुमार त्रिपाठी का भी तबादला कर दिया गया है। इनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इनके अलावा आबकारी निरीक्षक के साथ ही प्रधान आबकारी सिपाही और दो आबकारी सिपाही को निलंबित किया गया है। इस गंभीर प्रकरण में बुलंदशहर के जिला आबकारी निरीक्षक प्रभात वर्धन के साथ ही प्रधान आबकारी सिपाही रामबाबू तथा आबकारी सिपाही श्रीकांत सॉन्ग व सलीम अहमद को सस्पेंड किया गया है।
ये था पूरा मामला
सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी में घटी इस घटना में 35 साल के सतीश, 40 साल के कलुआ, रंजीत तथा 60 साल के सुखपाल और अन्‍य लोगों ने गांव में ही एक ग्रामीण से शराब खरीदी थी। गुरुवार रात को शराब पीने के बाद ये सभी अपने-अपने घर जाकर सो गए। बताया जा रहा है कि आधी रात के बाद इन सबकी हालत बिगड़ने लगी। इनमें से सतीश, कलुआ, रंजीत, सुखपाल और एक अन्‍य ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि बाकी 7 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। सभी की हालत गंभीर बनी हुई है।