भाजपा नेता का बड़ा बयान- नक्सलवादी ताकतों के हाथ में पहुंच चुका है किसान आंदोलन

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। अपने उदयपुर दौरे पर उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लिया। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार अन्तर्कलह से परेशान है और आरोप भाजपा पर लगाती है। उन्होंने मारवाड़ी भाषा में तंज कसते हुए कहा, धणी लुगाई री लड़ाई में पड़ोसी री पीटाई करों, यो तो ना चाले। इस दौरान किसान आंदोलन को लेकर भी उन्होंने बयान दिया।
उन्होंने राज्य की गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, लोकतांत्रिक सरकार पूरे पांच साल चलनी चाहिये, लेकिन पहले भी इस सरकार के विधायक गायब रहे और इसका आरोप बीजेपी पर लगाया जाता रहा। अंत में सारी सच्चाई सामने आ गई। उन्होंने कहा कि ये सरकार अपने कर्मों से गिरती है, तो इसमें बीजेपी दोषी नहीं हो सकती है।
किसान बिल पर केन्द्र सरकार का रूख स्पष्ट करने उदयपुर पहुंचे मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि अब किसान आन्दोलन किसानों के हाथ से निकल गया है। अब इसे माओवादी और नक्सलवादी ताकतें चला रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग द्वारा कृषि रिफॉर्म के लिए 102 सुझाव दिए गए थे, सौ सुझावों को मोदी सरकार ने लागू कर दिया है। जब स्वामीनाथन आयोग ने 2006 में रिपोर्ट दे दी थी, 2010 तक कांग्रेस सरकार उन्हें लागू करने का साहस नहीं दिखा पाई।
उन्होने कहा कि देश सब कुछ देख व समझ रहा है। 50 से 100 फीसदी एमएसपी बढ़ाने का काम भाजपा सरकार ने किया, लेकिन इसे भी सरकार किसानों के लिए पर्याप्त नहीं मानती। किसान सामूहिक रूप से एक साथ मिलकर काम करें तभी बल्क में फसल के अच्छे दाम के लिए नेगोशिएट कर सके।
इसके लिए किसानों के एफपीओ बनाने की योजना सरकार की है। कृषि क्षेत्र में परिवर्तन के लिए मोदी सरकार काम कर रही है, परंतु विपक्षी दल उसमें बाधा बन रहे हैं।