अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बने जो बाइडन, कहा- मानवता के लिए करेंगे अपनी ताकत का इस्तेमाल

दुनिया के सबसे ताकतवर देश के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन ने बुधवार को शपथ ली। बाइडन के साथ भारतवंशी कमला हैरिस ने भी देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। वह पहली भारतवंशी हैं जो अमेरिका के दूसरे सबसे ताकतवर पद पर होंगी। अमेरिका के 152 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब अपने उत्तराधिकारी के शपथ समारोह कार्यक्रम में निवर्तमान राष्ट्रपति न पहुंचा हो। डोनाल्ड ट्रंप ने इस परंपरा तो तोड़ते हुए बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत नहीं की।
इस बीच हिंसा की आशंका को देखते हुए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहम समारोह की सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई थी। हजारों पुलिसकर्मियों के साथ-साथ नेशनल गार्ड के 25 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था। अमेरिका संसद भवन के कैपिटल के आस-पास के इलाके पेनसिल्वेनिया एवेन्यू और व्हाइट हाउस के आस-पास का बड़ा हिस्सा जनता के लिए बंद कर दिया गया तथा इन स्थानों पर आठ फुट ऊंचे अवरोध लगा दिए गए थे।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद अपने संबोधन में जो बाइडन ने कहा, अमेरिका आज के दौर से और भी बेहतर हो सकता है। उन्होंने कहा दुनिया के सबसे ताकतवर देश होने के नाते अपनी ताकत का इस्तेमाल किसी को दबाने या मजबूर करने के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए करेंगे।
अपने संबोधन में बाइडन ने कहा,जो बाइडन ने कहा कि मैं सभी अमेरिकियों का आह्वान करता हूं कि वह अमेरिका को एक करने का काम करें। उन्होंने कहा, हमारा इतिहास संघर्षों से भरा रहा है और हर संघर्ष से हम एक साथ उबरे हैं चाहें वह ग्रेट डिप्रेशन हो या फिर 9/11। देश को एकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। एकता के बिना शांति नहीं हो सकती, बिना एकता के राष्ट्र संयुक्त नहीं रह सकता। एकता की बात आज बेवकूफी लग सकती है लेकिन इसके नतीजे चमत्कारिक होते हैं।
जो बाइडन ने कहा कि मैं शपथ लेता हूं कि मैं हर अमेरिकी का राष्ट्रपति रहूंगा। उन्होंने कहा, मेरा विश्वास है कि अमेरिका आज के अमेरिका से कहीं बेहतर हो सकता है। जो बाइडन ने कहा कैपिटल जैसी हिंसा फिर नहीं होगी। जो बाइडन ने कहा अमेरिका अपने गठबंधनों को फिर से सुधारेगा। हम ताकत से नेतृत्व नहीं करेंगे बल्कि हम ताकत का इस्तेमाल कर बताएंगे कि ताकत के साथ कैसे काम किया जाता है।
अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले जो बाइडन ने कोरोना संक्रमण के दौरान मारे गए लोगों के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद उन्होंने कहा, हम दुनिया के सामने नजीर पेश करेंगे। देश को एकजुट करने के लिए सबको साथ आना होगा। जो बाइडन ने कहा अमेरिका पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करेगा।
बता दें करीब चार साल अपने गृहनगर डेलावेयर में बिताने के बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले एकता के संदेश के साथ वाशिंगटन डीसी पहुंच गये। बाइडन 1973 में डेलावेयर से सबसे युवा सीनेटर के तौर पर निर्वाचित हुए थे। वह सार्वजनिक जीवन में करीब पांच दशक बिता चुके हैं।