भीम आर्मी प्रमुख ने किया नई पार्टी का ऐलान, बसपा के सामने खड़ी की चुनौती

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने नई पार्टी का ऐलान करने के साथ ही दलितों के सम्मान की बात करने वाली बसपा के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। राजनीतिक दल बनाने से मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। चंद्रशेखर ने बीएसपी के सामने अब एएसपी खड़ी कर दी है। चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी रखा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि दिल्ली के गद्दी तक पहुंचने के लिए उनकी पार्टी संघर्ष करेगी।
कई विधायक और सांसद शामिल
जानकारी के अनुसार आजाद समाज पार्टी के गठन के साथ ही 28 पूर्व विधायकों और 6 पूर्व सांसदों ने पार्टी के साथ नाता जोड़ लिया। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर रविवार सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर अपरा तफरी का माहौल बन गया। हालांकि काफी देर समझाने बुझाने के बाद गेस्ट हाउस का ताला खुला तब जाकर मामला शांत हुआ।
इस वजह से आए चर्चा में
चंद्रशेखर का यह कदम साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर सहारनपुर में दलित और ठाकुरों में टकराव के बाद चर्चा में आए थे। सहारनपुर जेल से रिहा होने के बाद वे लगातार केंद्र व यूपी सरकार को चुनौती दे रहे हैं।
इस कारण टला दिल्ली का कार्यक्रम
भीम आर्मी के मेरठ जिलाध्यक्ष विकास हरित ने बताया कि पार्टी की घोषणा का कार्यक्रम दिल्ली में होना था। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को जुटना था। लेकिन कोरोना वायरस के अलर्ट के चलते उन्हें दिल्ली में अनुमति नहीं मिली। इसके बाद नोएडा में कार्यक्रम निर्धारित किया गया।