बंदायू केसः NCW की सदस्य का बयान- महिला शाम को बाहर न जाती तो घटना न होती

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गैंगरेप वारदात के पीड़ित परिवारीजनों से मिलने पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य का अजीबो-गरीब बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, अगर महिला शाम को अकेले बाहर नहीं जाती तो ये घटना नहीं हुई होती। इस बयान के बाद सूबे में सियासी बयानबाजी शुरु हो गई। विवादों के बीच NCW की चेयरपर्सन से सफाई दी है। उन्होंने कहा मै इसका समर्थन नहीं करती हूं।
बता दें बदायूं में 3 जनवरी को एक महिला की कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पैनल द्वारा भेजी गई दो सदस्यीय टीम में शामिल एनसीडब्ल्यू सदस्य चंद्रमुखी देवी ने अपराध स्थल का भी दौरा भी किया।
देवी ने कहा, “किसी महिला को किसी के प्रभाव में बेसमय बाहर नहीं जाना चाहिए। मुझे लगता है कि अगर वह शाम को बाहर नहीं गई होती, या उसके साथ परिवार का कोई सदस्य होता, तो इसे रोका जा सकता था।
देवी ने यह भी कहा कि वह घटना में पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपने दौरे के बाद कहा कि “अगर पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई होती, तो शायद वे पीड़िता को बचा सकते थे।
एनसीडब्ल्यू सदस्य चंद्रमुखी देवी बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने ट्वीट कर सफाई दी। उन्होंने कहा, मैं इसका समर्थन नहीं करती। मुझे नहीं पता कि कैसे और क्यों आयोग की सदस्य ने ये कहा लेकिन किसी भी महिला को अपनी मर्जी से कभी भी और कहीं भी जाने का पूरा अधिकार है।जगहों को महिलाओं के लिए सुरक्षित रखना समाज और राज्य की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया, गत रविवार को उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर गयी 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है और उसके गुप्तांग में चोट के निशान तथा पैर की हड्डी टूटी पाई गई है।