बलियाः बैठक के दौरान भाजपा विधायक और सांसद के बीच जमकर गाली गलौज, जानिए क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भाजपा की भद पिटी उन्हीं के अपने नेताओं के जरिए। जब भाजपा के सांसद और विधायक आपस में भिड़ गए और सबके सामने एक दूसरे को गालियों से नवाज दिया। ये दो नेता थे सांसद वीरेंन्द्र सिंह और विधायक सुरेन्द्र सिंह। मामला जिला विकास समन्वय एक श्रवण समिति की बैठक के दौरान का है। बैठक में सांसद और विधायक दोनों में जमकर गाली-गलौज हुई।
बैठक के दौरान भाजपा सांसद वीरेन्द्र सिंह और विधायक सुरेन्द्र सिंह के समर्थकों के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। कुछ देर बाद सुरेंद्र सिंह ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल गए। उन्होंने वीरेंद्र सिंह मस्त पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। जबकि वीरेंद्र सिंह ने सुरेंद्र सिंह पर अफसरों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हंगामे के बीच प्रशासनिक अधिकारी बीच-बचाव करते नजर आए। मामला बिगड़ते देख अफसरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों पक्षों को किसी तरह अलग किया गया।
विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सांसद चाहते थे कि उनके ही लोग बैठक में रहें। बैठक की लिए एक सूची होती है, सूची के अनुसार ही लोगों को बैठने दिया जाना चाहिए लेकिन वह जिसे चाहते हैं उसी को बिठाते हैं। सांसद मनमानी कर रहे थे।
सुरेंद्र सिंह ने कहा, ‘अध्यक्ष जो कहेगा वहीं हो जाएगा क्या? अध्यक्ष जिसको चाहता उसी को कहता है ये बैठेगा नहीं तो नहीं बैठेगा। ये मेरे विचार और सिद्धांतों के खिलाफ है। बैठक के लिए सूची होती है, सूची में जो लोग चिन्हित हों, उन्हीं को रहना चाहिए। अनावश्यक अपने लोगों को बिठाना उचित नहीं है।
इस दौरान विधायक सुरेन्द्र सिंह ने सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, खुद इस बेईमान आदमी ने 25 बीघा खेत हड़प लिया है। मैं बैठक में ये मुद्दा उठाने ही वाला था कि हंगामा करने लगे। हम मीटिंग का बहिष्कार कर रहे हैं।
सुरेन्द्र सिंह की बात पर सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा, बात ये है कि मीटिंग की एक व्यवस्था होती है। हमने कहा कि विभाग के अधिकारी अपनी समीक्षा प्रस्तुत कर दें। विधायक अधिकारियों पर गलत काम का दबाव बनाएंगे, मैं मीटिंग का चेयरमैन हूं, मैं ऐसा नहीं होने दे सकता। विधायक के आरोप पर सांसद ने कहा कि मेरी जानकारी में मेरे साथ जितने लोग होने चाहिए वो थे।