आजमगढ़ बनेगा अखिलेश यादव का नया ठिकाना, यहीं से सधेगा पूर्वांचल

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा की तैयारियों में राजनीतिक दलों ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। राजनीतक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण पूर्वांचल को साधने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने रणीनीतियों को अमल में लाने का काम तेज कर दिया है। पूर्वांचल को अगर साध लिया जाए तो प्रदेश की गद्दी पर आसानी से पहुंचा जा सकता है लेकिन पूर्वांचल की पेंचीदा स्थितियों को समझने के लिए नेताओं को यहां रहना होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा कदम उठाया है।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्वांचल को साधने के लिए सपा प्रमुख का नया ठिकाना अब आजमगढ़ होगा। शुक्रवार को समाजवादी उत्तर प्रदेश के नाम 4374 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री कराई गई है। रजिस्ट्री के दौरान सपा के विधायक व पूर्व मंत्री समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
अखिलेश यहीं से पूर्वांचल पर अपनी पकड़ और मजबूत करेंगे। पूर्वांचल के सोनभद्र, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, भदोही और मिर्जापुर समेत अन्य जिलों की 117 से अधिक विधानसभा सीटों को सीधे कवर करने में आसानी होगी।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव 13 दिसंबर 2020 को इसी कामके लिए आजमगढ़ आए थे। 14 दिसंबर को रजिस्ट्रार से मिले लेकिन किन्ही कारणों से रजस्ट्री नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को बलराम यादव के नेतृत्व में दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक नफीस अहमद, बेचई सरोज समेत कई नेता रजिस्टार कार्यालय पहुंचे और भूमि का बैनामा कराया गया।
इस रजिस्ट्री के बाद तय हो गया कि अखिलेश यादव का नया ठिकाना अब अनवरगंज में होगा। जिस भूमि का बैनामा हुआ है वह मंदुरी हवाई पट्टी से महज 6 किलोमीटर दूरी पर है। करीब इतनी ही दूरी शहर से भी है। ऐसे में यहां आने-जाने में भी सपा सुप्रीमो को आसानी होगी. इस कार्यालय की नींव जल्द ही पड़ेगी और यह विधानसभा चुनाव 2022 से पहले बनकर तैयार होगा।