अखिलेश यादव का सीएम योगी पर निशाना, बोले- बाबा जी को तो लैपटॉप ही चलाने नहीं आता, बाटेंगे कैसे…

सैफई में किसान ट्रैक्टर रैली का शुभारंभ करते यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव
अखिलेश ने कहा, अमेरिका का हालिया चुनाव इस बात का उदाहरण है कि नफरत फैलाने वाले हमारे पीएम के दोस्त ट्रंप बुरी तरह से हारे हैं। वह दिन दूर नहीं जब हिंदुस्तान भी देखेगा कि जनता ने नफरत फैलाने वाले अहंकारी लोगों को सत्ता से कैसे बाहर का रास्ता दिखाया है…
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव गणतंत्र दिवस के अवसर पर खास अंदाज में नजर आए। अपने पैतृक गांव सैफई में उन्होंने ध्वजा रोहण किया इसके बाद ट्रैक्टर तिरंगा रैली में हिस्सा लिया। इस रैली में किसानों ने पूरे जोश के साथ हिस्सेदारी की। इस दौरान अखिलेश यादव ने ट्रैक्टर पर खड़े होकर उपस्थित जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा अमेरिका में नफरत का बदशाहत खत्म हो गई अब भारत में नफरत की बादशाहत खत्म होगी। जनता को इंतजार है कि कब उसे मौका मिले और ऐसी नफरती सरकार को उखाड़ फेंके।

अखिलेश ने अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, बाबा मुख्यमंत्री कहते हैं कि 24 करोड़ जनसंख्या वाले प्रदेश के 14 करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है। कहां हैं वो रोजगार वाले युवा, प्रदेश में बेरोजगारी जरम पर है। विकास के नाम पर जीरो है योगी सरकार, उनका बस एक काम है सपा सरकार में कराए गए कामों का नाम बदला जाए और रंग भी बदल दिया जाए। सबसे बड़ी बात हमारे सीएम बाबा योगी जी को लैपटॉप तो चलाना नहीं आता इसलिए उन्होंने लैपटॉप ही नहीं बांटे।

इस दौरान अखिलेश ने मोदी सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, अमेरिका का हालिया चुनाव इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि नफरत फैलाने वाले हमारे पीएम के दोस्त ट्रंप बुरी तरह से हारे हैं। वह दिन दूर नहीं जब हिंदुस्तान भी देखेगा कि जनता ने नफरत फैलाने वाले अहंकारी लोगों को सत्ता से कैसे बाहर कर दिया।
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश ने नए कृषि कानूनों पर भी बात की। उन्होंने कहा, सपा किसानों के समर्थन में खड़ी है, सरकार ने जो नए कृषि कानून किसानों के लिए बनाया है वह किसानों का डेथ वारंट है। उन्होंने कहा आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में आज पूरे देश में तहसील स्तर पर ट्रैक्टर रैली निकाली गई।
अखिलेश ने कहा कि पूरा देश आज गणतन्त्र दिवस मना रहा है हमें इस देश के जवानों और किसानों पर गर्व है। आज ही के दिन हिंदुस्तान का संविधान लागू किया गया था लेकिन सरकार इस संविधान का उपयोग उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कर रही है। इस सरकार ने बिना बहुमत के किसानों का डेथ वारंट पास कर दिया है।

सरकार दावा कर रही है कि किसानों को एमएसपी का लाभ देते हुए उनका धान 1868 रुपये प्रति कुंतल के हिसाव से सरकार ने खरीदा है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश में किसानों को अपना धान नौ सौ, एक हजार और ग्यारह सौ रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से बेचना पड़ा है। कोरोना बीमारी ने लोगों के नाक और मुंह बंद करवा दिए, लेकिन पता नहीं बीजेपी के लोगों को कौन सी बीमारी लग गयी है कि इन लोगों ने अपने आंख और कान बन्द कर लिए है।