अखिलेश यादव का पलटवार, कहा- ठोंकने-पटकने वाले ‘बाबा’ लाल टोपी से क्यों हैं भयभीत

उत्तर प्रदेश विधानसभा में सीएम योगी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। अपने संबोधन में उनके निशाने पर खासतौर से सपा और कांग्रेस रही। सीएम योगी ने अपने संबोधन में सपा की लाल टोपी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, सदन में रंगबिरंगी टोपी पहन कर आने वाले किसी ड्रामा कंपनी के लोग लगते हैं। उनकी इस टिप्पणी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी करारा पलटवार किया है। अखिलेश ने प्रेस कांफ्रेस कर कहा, ठोकने और पटकने वाले लाल टोपी से इतना भयभीत क्यों हैं? उन्होंने कहा योगी जी तो खुद लाल टोपी पहनते हैं फिर लाल रंग से उन्हें इतना डर क्यों लगता है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश ने सीएम योगी पर बड़ा हमला बोला, उन्होंने कहा, सदन में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल योगी जी जैसे लोग ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा, सीएम सदन में कह रहे हैं पटककर मारना चाहिए, उन्होंने कहा ये सरकार के मुखिया की भाषा है. उन्होंने कहा ये सपा के संस्कार नहीं हैं।
अखिलेश ने कहा, सरकार की भाषा से ऐसा लग रहा था जैसे बीते चार सालों में इस सरकार ने मर्यादा में रहकर काम किया है। हत्याओं और फर्जी एनकाउंटर से डरा कर राजनीति की जा रही है। किसानों आंदोलन का समर्थन करने वाले 10 हजार से ज्यादा सपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमें ठोंक दिए गए। उन्होंने कहा भाजपा की राजनीति झूठे मुकदमें और नफरत फैलाने की है।
अखिलेश यादव ने कहा, यूपी सरकार दिल्ली सरकार की नकल करती है। सीएम योगी का अपना कोई विजन नहीं है। जैसा दिल्ली सरकार कहती है और करती है ठीक उसी की नकल हमारे सीएम योगी जी करते हैं। उन्होंने कहा, ऐसे ही कृषि बिल को लोकसभा में पारित होने के बाद यूपी में किया। बीजेपी यूपी सदन में बहुमत के खिलाफ जाकर बिल पास कराए। कल सभी एमएलसी सदन में धरने पर थे, लेकिन तब भी सारे बिल पास कर दिए, जबकि यहां के सदन में बहुमत विपक्ष का है।
अखिलेश ने कोरोना पर सरकार के कार्यकलाप को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा, कोरोना काल में अपनी नाकामी छिपा रही है सरकार। कहने को दो लाख बेड के आइसोलेशन कार्ड बनाए गए लेकिन लोगों को इलाज ही नहीं मिला। उन्होंने कहा सीएम को बसों का रजिस्ट्रेशन नंबर याद है लेकिन कितने मजदूरों की जान गई ये याद नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा, कोरोना काल में दूसरे राज्यों से आने वाले 90 लोगों की मौत हुई, उन सभी की सपा ने मदद की। अस्पतालों में सबसे अधिक जरुरत वेंटीलेटर की थी, लेकिन जो वेंटीलेटर आए उनमें से कितने के पैकेट खुले यह जानकारी सीएम को नहीं है।
अखिलेश ने पूछा कि कोई विकास दिख रहा हो तो बताइए। जो लोग संकल्प पत्र को भूल गए। उस सरकार से आप क्या उम्मीद करेगें? ये पहली सरकार है, जो शिलान्यास का शिलान्यास करती है, उद्घाटन का उद्घाटन करती है. जनता को बताएं कि इन्वेस्टमेंर मीट से कितना निवेश आया? जिस पटल पर ये बताना चाहिए कि इतना निवेश आया वो वहां बतायें।
उन्होंने कहा सीएम सदन में कह रहे हैं कि पटककर मारना चाहिए, ये सरकार के मुखिया की भाषा है। यहां पर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है एक्सप्रसवे का, क्या उनके संकल्प पत्र में ये सब था? क्या उप्र में सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट लग रहा था? अब कितना लग रहा है. सीएम के मुंह में पटककर मारना, ठोंकना आता है। पर बिजली, थर्मल प्लांट जैसे शब्द नहीं आते हैं।