बजट पर बोले अखिलेश यादवः भाजपा का विदाई बजट सबको रुला गया, भाजपा का खेल खत्म, पैसा हजम

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के बजट को पूर्णतया निराश करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा है कि इस बजट में जनहित की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि, यह बजट भाजपा के चरित्र को दर्शाता है, इसमें जनता को गुमराह करने की घोषणाएं शामिल हैं। इस बजट से न तो आम जनता को कोई राहत मिलने वाली और न ही किसान और गरीबों को। नौजवान को तो फिलहाल कोई राहत मिलने से रही। इस बजट से केवल अमीरों को फायदा होगा। इसके अलावा अखिलेश ने कहा, इस बजट में महंगाई को नियंत्रित करने की कोई योजना नहीं है।
बजट को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, यह भाजपा का अंतिम बजट है और अब वह चाहकर भी अगला बजट पेश नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा, भाजपा का ये विदाई बजट सबको रुला गया। अब जनता भी भाजपा के चाल- चरित्र को समझ चुकी है, इसलिए अब भाजपा के खेल खतम और पैसा हजम।
अखिलेश ने भाजपा के पेपर लेस बजट को लेकर भी तंज किया, उन्होंने कहा सीएम पेपेर लेस बजट का बखान कर रहे थे लेकिन हकीकत में यह टेबलेट से ही गायब हो गया। ऐसा पहली बार हुआ जब विधायकों को जबट की जानकारी सुनकर मिली है। उन्होंने कहा बजट में विकास की दिशा ही नदारद है। काम करने के बजाय जुमलेबाजी से काम चलाया जा रहा है। भाजपा जो वादे करती है, वह पूरा नहीं कर पाती है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, किसान संकट में है, वह परेशान है। डीजल-पेट्रोल की कीमते आसमान छू रही है। सरकार इनका मुनाफा कहां ले जा रही है? गंगा नहीं साफ हुई है। लेकिन बजट साफ हो गया। बजट में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के बारे में कोई घोषणा नहीं है। फसल की एमएसपी नहीं मिली। दुग्ध समितियों का 2 साल से पैसा बकाया है, उसके भुगतान का कोई प्रावधान इस बजट में नहीं है। सरकार ने पूरी तरह ढोंगी बजट पेश किया है।
अखिलेश यादव ने कहा, इस बजट से जनता की परेशानियां कम नहीं होंगी बल्कि भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों का आक्रोश ज्यादा बढ़ेगा। जब भाजपा सत्ता से बेदखल होगी और समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी तभी जनहित की योजनाएं गति पाएंगी और लोगों में खुशहाली आएगी।