अखिलेश यादव बोलेः अखिलेश यादव बोलेः जनाक्रोश के सामने अहंकारी सत्ता ने हमेशा घुटने टेके हैं, भाजपा क्या चीज है…

भाजपा राज में कोई सुखी नहीं है, दिल्ली सीमा पर देशवासियों का पेट भरने वाला अन्नदाता जीवन मरण की लड़ाई लड़ रहा है। भाजपा सरकार की क्रूरता की हद यह है कि किसानों की बातें सुनने के बजाए उनके रास्ते में कीलें बिछा दी गईं, लोहे की दीवारें खड़ी कर दी गईं। सरकार और किसानों के बीच यह विभाजन रेखा लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
ये बातें समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा। उन्होने कहा, यह विडम्बना ही है कि देशवासियों का पेट भरने वाला किसान आज लांछित और अपमानित किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा, अपने हक की लड़ाई लड़ने वाले किसानों को आतंकवादी बताकर उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है। अब तो उससे निपटने के लिए दिल्ली सीमा पर बाड़ लगाए जा रहे हैं।
भाजपा को यह पता शायद पता नहीं है कि किसान खेतों में अन्न उगाता है और उनका बेटा देश की सीमाओं पर अपनी जान लड़ाता है। किसान की किस्मत के साथ क्या ऐसा खेल खेला जा सकता है?
नए कृषि कानूनों से पूरे देश के किसान चिंतित और आक्रोशित हैं। भाजपा दमन के जरिए उनकी आवाज दबाना चाहती है। लेकिन उन्हें इतिहास नहीं भूलना चाहिए कि झूठ और अन्याय की जड़ें गहरी नहीं होती। जनाक्रोश के सामने सत्ता ने हमेशा घुटने टेके हैं।
अखिलेश ने कहा किसान ने बड़ी मांग नहीं की है। वे तो कृषि कानूनों को वापसी की माग कर रहे हैं और एमएसपी की गारंटी चाहते हैं।सरकार इन्हें मानने के बजाय दूसरे विकल्प सुझा रही है जो किसानों को अमान्य है।
अखिलेश ने कहा, चुनाव से पहले भाजपा अपने पूंजीपति मित्रों की खुशहाली के लिए प्रयासरत है। चंद पूजीपतियों को सरकार सुविधाएं देने के लिए कृषि कानूनों के माध्यम से रास्ता बना रही है।
किसान जान रहे है कि उनकी खेती बंधक बन जाएगी, उनका स्वामित्व खत्म हो जाएगा और उनको अपनी फसल व्यापारियों की मर्जी पर उनकी तय कीमत पर बेचनी पड़ेगी। वे इसका विरोध कर रहे हैं तो उनके खिलाफ दमन चक्र चलाया जा रहा है।
अखिलेश ने कहा, समाजवादी पार्टी आरंभ से ही किसानों के साथ है। किसान यात्रा, समाजवादी किसान घेरा, चौपाल और किसान ट्रैक्टर यात्रा निकाल कर समाजवादी पार्टी ने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकारी नीतियों का विरोध किया है।