कृषि कानूनः विपक्ष पर पीएम मोदी का कड़ा प्रहार, कहा-भ्रम फैलाने वाली जमात से रहें सतर्क

नए कृषि सुधारों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। केन्द्र सरकार के नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कृषि सुधारों के प्रावधानों को लेकर विपक्ष किसानों को बरगलाने की कोशश में है। इस कोशिश के जरिए वह अपनी राजनीतिक पकड़ बनाना चाहता है। इस बीच किसानों को भ्रमित करने और उन्हें बरगलाने को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। यह पहली बार है जब कृषि सुधारों को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है।
विपक्षी दल अपने पुराने घोषणा पत्र निकाल कर देख लें
पीएम मोदी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा, नए कृषि सुधारों के जरिए किसानों को और अधिका अधिकार संपन्न बनाया गया ये सारी बातें तो उनके घोषणा पत्र मे शामिल रहती थीं। हमारे विपक्ष के साथी अपने पुराने घोषणा पत्र निकालकर देख लें।
रातों-रात नहीं हुए कृषि सुधार
पीएम मोदी ने कहा कृषि सुधार रातों रात नहीं हुए। इसे अमल में लाने के लिए 20-30 साल का मंथन शामिल है। उन्होंने कहा, यह अलग बात है कि पूर्ववर्ती सरकारें इसे अमल में लाने का साहस नहीं दिखा सकीं। उन्हें केवल इसी बात का दुख है कि इसे मोदी ने कैसे लागू कर दिया। और मोदी ने लागू कर दिया तो विरोध तो होना चाहिए।
ये नहीं चाहते किसानों का भला हो
पीएम मोदी ने किसानों को सावधान करते हुए कहा, किसानों को अधिकार संपन्न बनाने वाले और बचौलियों से आजादी दिलाने के साथ अपने उत्पाद को कहीं भी बिना किसी संकोच के बेचने के अधिकार को गलत बताने वालों से सावधान रहें। ये नहीं चाहते हैं कि किसानों का भला हो।
आप ले लें सारा श्रेय लेकिन किसान को अधिकार संपन्न बनने दें
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तकरीबन 50 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी दलों से कहा, हमारी आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि अपने पुराने घोषणा पत्र के आधार पर इसका सारा श्रेय आप ले लो। मेरा लक्ष्य केवल किसानों को अधिकार संपन्न बनाना है और उनका जीवन स्तर सुधारना है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने देश में अन्न भंडारण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, भंडारण क्षमता के अभाव में लाखों टन अनाज बर्बाद हो जाते हैं जिससे किसानों का एक लाख करोड़ रुपए बर्बाद हो जाता है। हमारी प्राथमिकता भंडारण गृह खोलने की है। इसमें व्यापारी भी आगे आएं।
भंडारण हमारी प्राथमिकता
उन्होंने कहा भंडारण की आधुनिक व्यवस्था से देश का भला होगा। देश का किसान अब और अधिक पिछड़पन को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। जो काम 25-30 साल पहले कर देने चाहिए थे अब किए जा रहे हैं। खैर देर से ही सही किसानों के भले के लिए किए जा रहे कामों में विपक्ष को अड़ंगेबाजी नहीं करनी चाहिए।
न एमएसपी बंद होगी न मंडियां बंद होंगी
अपने संबोधन के दौरान किसानों की मुख्य समस्या एमएसपी को लेकर भी पीएम मोदी ने किसानों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा,कानून बनने के बाद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पबर खरीददारी जारी रहेगी। मंडियां चालू हैं। ऐसे में कोई भी समझदार व्यक्ति इस भ्रम में कैसे रह सकता है। उन्होंने कहा न एमएसपी पर खरीददारी बंद होगी और न ही मंडियां बंद होंगी।
इसके अलावा पीएम मोदी ने यह भी कहा…
-हम किसानों को वोट बैंक नहीं मानते
-विपक्ष किसानों के कर्जमाफी पर कभी खरा नहीं उतरा
-उनके करीबियों की ही कर्ज माफ किया गया, राजस्थान और मध्यप्रदेश इसके उदाहरण है
– हमारी नीयत बिल्कुल साफ है
-किसानों के यूरिया का संकट हमने खत्म किया
-राज्य सरकारें नए कानून का खाका किसानों को मुहैया कराएं
-भ्रम फैलाने वाली जमात से किसान सतर्क रहें
समूचे विपक्ष को निशाने पर लेते हुए पीए मोदी ने कहा, हमने बार-बार इनसे पूछा आखिर इसमें दिक्कत क्या है। लेकिन उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा, जिनकी राजनीतिक जमीन खिसक गई वो लोग इस पर राजनीतिक खेती कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा हम हाथ जोड़ किसानों की समस्या का निराकरण करने को तैयार हैं। 25 सितंबर को एक बार फिर मै आपके सामने आऊंगा।