6 करोड़ EPF खाताधरकों को होली के पहले लग सकता है झटका, जानिए CBT की क्या है योजना

होली से पहले नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर दस्तक देने वाली है। एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) द्वारा संचालित एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड (EPF) में अगर आपने पैसा लगाया है तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल जो जानकारी छन कर सामने आ रही है उसके मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 के लिए PF की दरें घटाई जा सकती हैं। CNBC आवाज के मुताबिक सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) 5 मार्च 2020 को ब्याज दरों की समीक्षा करेगा जिसमें ब्याज दरों पर चर्चा की जाएगी।
6 करोड़ खाता धारकों पर होगी सीधा असर
जानकारी के मुताबिक CBT के सामने जो मुश्किले हैं उसमें मौजूदा ब्याज दरों को कायम रख पाना अब संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन इस पर फैसला EPFO को मिले रिटर्न की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर 6 करोड़ खाता धारकों पर पड़ेगा। बता दें EPFO बीते वित्त वर्ष की ब्याज दरें तय करता है। बीते साल EPF की दरें 8.65 हैं।
EPF की ब्याज दरों में हो सकती है 0।01 फीसदी की कटौती
गौरतलब है कि EPF वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद फायदेमंद योजना है। इसकी ब्याज दरें सरकार तय करती है। हर महीने कंपनी सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से 12 फीसदी पैसा काटकर PF के खाते में डाल देती है। कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी की ओर से भी 12 फीसदी पैसा उस कर्मचारी के PF खाते में डाला जाता है। माना जा रहा है कि ब्याज दर में 0.10 फीसदी तक घट सकती है। हालांकि ब्याज तय करते समय पुराने सरप्लस को ध्यान में रखा जाएगा। ईपीएफओ के पास इस समय 151 करोड़ रुपये की सरप्लस रकम है।
कर्मचारियों को GPF पर मिलेगा 7।9 फीसदी ब्याज
इससे पहले सरकार ने जनरल प्रॉविडेंट फंड (GPF) पर नई ब्याज दरों का ऐलान किया था। 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020 तक GPF और दूसरे फंड पर 7.9 फीसदी ब्याज मिलेगा। GPF खाता केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए ही होता है। यह भी एक सेवानिवृत्ति के बाद की लाभ पहुंचाने वाली योजना है। बता दें GPF की रकम कर्मचाकियों को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद दी जाती है। कर्मचारी इसमें अपने वेतन का 15 % GPF खाते में देते हैं। इस योजना की खास बात ये हैं कि कर्मचारी आवश्यकता के अनुसार GPF से पैसा निकाल सकता है और उसे जमा भी कर सकता है। इस पर कोई ब्याज नहीं लगता है।