करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान की खामोशी के मायने क्या हैं…

0
40
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद अब सिक्खों के पवित्र स्थल करतारपुर कॉरिडोर पर असमंजस की स्थिति बन गई है। अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान भारत से अपने व्यापारिक संबंध सीमित कर दिए, इसके अलावा समझौता एक्सप्रेस, लाहौर-दिल्ली बस सेवा और थार एक्सप्रेस को भी बंद करने की ऐलान कर दिया। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि वह करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी कोई बड़ा कदम उठा सकता है।
दरअसल करतारपुर कॉरिडोर के अंतरिम संपर्क मार्ग को अंतिम रूप देने के लिए भारत और पाकिस्तान के मध्य अगस्त के पहले सप्ताह में बैठक होनी थी, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से फिलहाल कोई भी बात नहीं की गई है। पाकिस्तान के इस रवैये से संकेत मिलते हैं कि कहीं करतारपुर कॉरिडोर पर कहीं बड़ा कदम तो नहीं उठाने जा रहा है।
करतारपुर कॉरिडोर की प्रस्तावित इस बैठक में नोडल बिंदुओं तथा तीर्थयात्रियों के बारे में जानकारी साझा करने की लिए तंत्र विकसित करने पर वार्ता होनी थी। इसके अलावा इस कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा होनी थी। फिलहाल पाकिस्तान का इस प्रस्ताव पर कोई जवाब सामने नहीं आया है। भारत ने पाकिस्तान को कॉरिडोर पर दोबारा पत्र लिखकर याद दिलाया है।
भारत को उम्मीद है कि गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती के लिए समय पर गलियारे को शुरु करने के लिए पाकिस्तान इन प्रस्तावों पर तेजी से प्रतिक्रिया देगा। लेकिन अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए तमाम कड़े फैसले लिए हैं और इस मुद्दे पर पाकिस्तान की चुप्पी कॉरिडोर पर भी कोई बड़ा कदम उठाने के संकेत दे रहे हैं।
loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here