न्यायाधीश ने पेश की मिसाल, बिन मां की बच्ची को कराया स्तनपान और ले लिया गोद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गुजरात के जिला विकास अधिकारी और उनकी न्यायाधीश पत्नी ने साकार कर दुनिया के सामने मिसाल पेश की है।

दरअसल एक नवजात की मां बच्ची को जन्म देने के 15 दिन बाद ही दुनिया से चल बसी। दूध न मिलने की वजह से बच्ची 14 घंटे तक भूख से तड़पती रही। आणंद के जिला विकास अधिकारी की सीजेएम पत्नी को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने अस्पताल पहुंचकर बच्ची को पहले स्तनपान कराया फिर परिवार से मिलकर उसे गोद भी ले लिया।

पेश की मिसाल

गुजरात के आणंद जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अमित प्रकाश यादव को डिलिवरी के वक्त किसी महिला की मौत होने पर सीएचसी और पीएसची का दौरा करना होता है। तीन अगस्त को उन्हें खबर लगी कि एक बच्ची के जन्म के बाद से मां की हालत काफी खराब है और उसे वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में शिफ्ट करने की जरूरत है। अपने तीसरे बच्चे को जन्म देने के बाद ही महिला की वडोदरा पहुंचने से पहले मौत हो गई।
बताया जाता है कि बारिश की वजह से मृत महिला के परिवार का कोई सदस्य वडोदरा नहीं पहुंच सका था। इस बात की जानकारी जब अमित यादव को लगी तो इस बात का जिक्र उन्होंने अपनी पत्नी सीजेएम चित्रा यादव से किया। अमित ने बताया गया था कि बच्ची ने पिछले 14 घंटे से कुछ भी नहीं खाया था। इस बात की जानकारी उन्होंने जब पत्नी चित्रा को दी तो वह बच्ची को स्तनपान कराने को तैयार हो गई।
डीडीओ अमित ने बताया कि हमने बच्ची के पिता और परिवार के बात कर बच्ची को गोद लेने का फैसला किया है। इस बच्ची को गोद लेने के लिए की जाने वाली सभी प्रक्रिया को पूरा किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि दंपती का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है जिसका जन्म सरसा सीएचसी में हुआ था।
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