भारत के इस शहर में रहते हैं दुनिया के सबसे ज्यादा ‘गंजेड़ी’ , खपत जानकर चौंक जाएंगे

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भारत को युवाओं का देश कहा जाता है, इन्हीं युवाओं के दम पर भारत आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना संजोए हुए है। लेकिन इन युवाओं में लगातार बढ़ती नशे की लत भारत के स्वर्णिम भविष्य पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है। ये नशे की समस्या किसी एक राज्य की नहीं, भारत के सभी राज्य इस बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। बतादें भारत में हर साल 1.50 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन से होती है। इन सब के बीच एक बड़ी खबर जो आपको चौंका सकती है। भारत का एक राज्य दुनिया भर में गांजे के खपत में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
जर्मनी की एबीसीडी संस्था ने दुनिया भर में गांजे की खपत पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की राजधानी दिल्ली दुनिया भर में गांजे की खपत में तीसरे स्थान पर है, यहां पर गांजे का सेवन करने वाले सबसे ज्यादा लोग बसते हैं। मुंबई छठें स्थान पर है। रिपोर्ट की माने तो दिल्ली में गांजे की 38,280 किग्रा की खपत हुई। अमेरिका का न्यूयार्क सिटी इस लिस्ट में टॉप पर है जबकि पाकिस्तान का कराची शहर दूसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट तैयार करने के लिए एबीसीडी ने दुनिया भर के करीब 120 शहरों में सर्वे किया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूयॉर्क में पिछले साल 77.4 टन गांजे की खपत हुई। वहीं कराची में नशेड़ियों ने 42 टन गांजा फूंक दिया। मुंबई में लोगों ने 32.4 टन गांजे का इस्तेमाल किया। इस लिस्ट में अमेरिका के तीन शहर- न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस और शिकागो शामिल किया गया।
ये भी एक तथ्य है
सिगरेट पर बिक्री पर लगने वाले टैक्स को देखते हुए अगर गांजे पर टैक्स वसूला जाए तो सरकार को दिल्ली से ही 725 करोड़ की आमदनी होगी जबकि मुंबई से 641 करोड़ की आमदनी होगी। बतादें अमेरिका में गांजा लीगल है और यदि वहां के टैक्स के आंकड़ों के हिसाब से भी भारत में वसूली की जाए तो दिल्ली से 225 करोड़ ओर मुंबई से 199 करोड़ की आमदनी सरकार को होगी। गौरतलब है कि एक अनुमान के हिसाब के दिल्ली में प्रति ग्राम गांजा 400 रुपए में आसानी से मिल जाता है। जापना के टोक्यों में प्रतिग्राम गांजे की कीमत 2347 रुपए है।
नशे के डरावने आंकड़े…
-मिजोरम, पंजाब और मणिपुर राज्य में सबसे अधिक नशीली दवाओं का इस्तेमाल होता है
-भारत में तम्बाकू के द्रव्यों का सेवन करने वालों में खैनी का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है
-भारत में तकरीबन 13 फीसदी लोग इसका सेवन करते हैं
-2009-10 विश्व वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण-भारत में तब 12 करोड़ लोग तम्बाकू का सेवन कर रहे थे
-तम्बाकू से होने वाली बीमारियों के इलाज पर 2011 में भारत में 1,04,500 करोड़ रुपए खर्च हुए
-1 सिगरेट आपकी जिंदगी के 9 मिनट पी जाती है
-तम्बाकू की 1 पीक आपकी जिंदगी के 3 मिनट कम कर देती है
-हर 7 सेकंड में तम्बाकू एवं अन्य मादक द्रव्यों से 1 मौत होती है
-भारत में हर साल 10.5 लाख मौतें तम्बाकू के पदार्थों के सेवन से होती हैं
-90 फीसदी फेफड़े का कैंसर, 50 फीसदी ब्रोंकाइटिस एवं 25 फीसदी हृदय रोगों का कारण धूम्रपान है
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का सेवन करने वाले महिला-पुरुष के आंकड़े

                     पुरुष –  महिला –  ग्रामीण –   शहरी –    कुल

तम्बाकू –          47.9% – 20.3% -38.4% – 25.3% – 34.6%

सिगरेट बीड़ी –    18.3% – 2.4% – 11.6% – 8.4% – 10.7%

खैनी –             19% – 4.7%- 9.6%- 4.5% – 13.1%

गुटखा –          12.1% – 2.9% – 5.3% – 8.4% – 9.5%

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