जम्मू-कश्मीर और लद्दाख कल से केन्द्र शासित प्रदेश, उर्दू में नहीं अब हिंदी में होंगे सारे काम

0
21
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद अब जम्मू-कश्मीर 31 अक्टूबर को दो नए केन्द्र शासित प्रदेशों में बंट जाएगा। ये दोनों राज्य होंगे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद इन जगहों की प्रशासन और व्यवस्था बदले हुए कानून के तहत काम करने लगेंगी। अब इन दोनों जगहों पर रनबीर कोड की जगह आईपीसी और सीआरपीसी की धाराएं काम करने लगेंगी। केन्द्र सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यहां पर काम करने वाले साढ़े तीन लाख कर्मचारी फिलहाल मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही काम करेंगे।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत सरकार ने सारे मंत्रालयों को अपनी भागीदारी का भरोसा दिलाया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास हो रहा है इस बात का ध्यान रखते हुए दोनों केन्द्र शासित राज्यों के गठन का प्रक्रिया पर काम किया गया है। अब 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि सारे विभागों में सरदार पटेल की तस्वीर लगाई जाए। इसी दिन एक सादे समारोह के तहत लेह में लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेश के राज्यपाल राधा कृष्ण माथुर और जम्मू-कश्मीर केन्द्र शासित राज्य के राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू अपना पद संभालेंगे, इसके अलावा यहां अब उर्दू की जगह हिंदी में काम किया जाएगा।

इन बदलावों के साथ होंगे सारे काम

कानून व्यवस्था
-पुलिस व्यवस्था-जम्मू कश्मीर में डीजीपी का मौजूदा पद कायम रहेगा
-लद्दाख में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस वहां के पुलिस का मुखिया होगा
-दोनों ही केन्द्र शासित राज्यों की पुलिस केन्द्र सरकार के निर्देश पर काम करेगी
न्यायालय
-हाईकोर्ट-फिलहाल जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर और जम्मू बेंच मौजूदा व्यवस्था के अंतर्गत काम करेंगी
-लद्दाख के मामलों की सुनवाई भी अभी की तरह ही होगी
-चंडीगढ की तर्ज पर इसे लागू करने का फैसला लिया गया है
सैनिकों की तैनाती
-केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती इन दोनों राज्यों में केन्द्र के निर्देश पर ही सुरक्षा बलों की तैनाती होगी
-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में केन्द्र सरकार के आयोग अपनी भूमिका निभाएंगे
-विधायिका का कामकाज दोनों केन्द्र शासित राज्यों में एलजी की भूमिका प्रमुख होगी
-उन्हीं की अनुमति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे
इसके अलावा यहां पर काम कर रहे कर्मचारियों की प्राथमिकताओं को आधार पर उनके काम और जगह का बंटवारा करेगी और फिर उनकी तैनाती की जाएगी। गृह मंत्रालय ने सरकार से लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए एक सचिव स्तर के नए अधिकारी की माग की है। साथ ही गृह मंत्रालय में पहली बार जम्मू-कश्मीर के अलावा लद्दाख सेक्शन भी खोला गया है।
सरकार की योजना के अनुसार लद्दाख के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और सरकार इसके लिए जल्द ही एक बड़े पैकेज की घोषणा करने जा रही है। इसके पहले सरकार लद्दाख डिवीजन में गवर्नर के दो एडवाइजर भी नियुक्त करने जा रही है।
इस नई व्यवस्था के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए यूनियन टेरिटरी के अफसर तैनात किए जाएंगे यानी कुल मिलाकर अब यूटी कैडर के अधिकारी लद्दाख से लेकर अंडमान तक तैनात होंगे दिल्ली भी उनमें एक होगा।
loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here