चंद्रयान-2: संपर्क टूटते ही वक्त जैसे ठहर सा गया, रो पड़े इसरो प्रमुख तो पीएम मोदी ने लगाया गले

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हम इंसान हैं भगवान नहीं। होता है, सबके साथ होता है। चूक भी होती हैं, हारते भी हैं लेकिन फिर जूझने का जज़्बा पैदा करना पड़ता है। कोई अपना बस पीठ पर हाथ रख दे। के. सिवन जी निराश न होइए देश आपके साथ है। पूरा देश वैज्ञानिकों के साथ है, ये चांद को छूना था हम पहुंच तो गए ही, पत्थर पर लकीर खींचा है, ये देश का गौरव है देशवासियों को अपने वैज्ञानिकों पर नाज है। यह तस्वीर वाकई दिल को छू लेने वाली है,कोई बात नहीं हम चांद पर जरुर पहुचेंगे, हौसला बनाए रखिये… चंद्रयान-2 से संपर्क टूटते ही वक्त जैसे ठहर सा गया और इसरो प्रमुख की आंखे डबडबा गईं तो पीएम मोदी ने आगे बढ़कर ढांढस बंधाया कहा देश को आप पर नाज है।

वक्त जैसे ठहरा गया
चांद के फलक पर तिरंगा, पलक पांवड़े बिछाए 130 करोड़ देशवासी टकटकी लगाए चंद्रयान-2 के चंद्रमा की धरती को चूमने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। चंद्रयान चंद्रमा की दहलीज तक तो पहुंच गया, इसरो इस वक्त 10 सालों की मेहनत के सबसे बड़े इम्तहान से गुजर रहा था, वैज्ञानिक ही नहीं पूरे देश की सांसे थमी थीं। जैसे-जैसे लैंडिंग का वक्त करीब आता गया, दुनियाभर में मौजूद भारतीयों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी और अंतिम डेढ़ मिनट में लगा वक्त जैसे ठहर गया।
10 साल का अथक प्रयास
10 साल के अथक प्रयासों से तैयार चंद्रयान-2 की सफलता पर किसी को रत्तीभर शक नहीं था। होता भी क्यों हमारे वैज्ञानिकों के कौशल का लोहा पूरी दुनिया मानती है। चंद्रयान को चंद्रमा पर उतारने के प्रयासों को लकर इसरो प्रमुख ने देशवासियों को हीकभर शुभकामनाएं दी थीं। अंतिम सात दिनों तक वैज्ञानिकों को न खाने की फिक्र न सोने की चिंता बस चंद्रयान को चंद्रमा की धरती पर उतारने की जिद थी।
रात के 1.55 बजे इसरो से संपर्क टूटा
3.84 लाख किमी का सफर तय कर चंद्रयान रात के 1.55 बजे चांद के बिल्कुल करीब पहुंच गया। इस समय तक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम के उतरने की सारी प्रक्रिया सामान्य थी। इस समय तक पीएम मोदी भी इसरो पहुंच चुके थे और चंद्रयान की यात्रा की सफलता की दुवाओं के साथ स्कूली बच्चे भी। 35 किमी से सतह पर उतारने का 1.38 बजे काउंटडाउन शुरु हुआ, 13 मिनट 48 सेकेंड तक सबकुछ सही था। तालियों के साथ इसरो के वैज्ञानिक और पूरा देश स्वागत की तैयारी में था तभी 1.55 मिनट पर इसरो से संपर्क टूट गया।
और इसरो प्रमुख के सिवन की आंखे डबडबा गईं
संपर्क टूटने की स्थिति 12 मिनट तक रही उसके बाद वैज्ञानिकों ने बताया संपर्क बहाल करने का प्रयास जारी है, उसके बाद इसरो प्रमुख के. सिवन ने बताया विक्रम से संपर्क टूट गया है। हम आंकड़ों का परीक्षण कर रहे हैं, संपर्क जरुर टूटा है लेकिन मिशन की उम्मीदें कायम हैं। यह बाते के सिवन से पीएम मोदी को बताया इसके बाद उनकी आंखे भर आईं।
पीएम मोदी ने आगे बढ़कर गले लगाया, बढ़ाया हौसला
पीएम मोदी ने इसरो प्रमुख को गले लगाया पीठ थपथपा कर उन्हें ढांढस बंधाया, वैज्ञानिकों से मिले। उन्होंने इसरो प्रमुख से कहा,जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। हमें आप पर गर्व है। मेरी ओर से बधाई। आपने देश सेवा की, विज्ञान सेवा की, मानव सेवा की। हिम्मत से आगे बढ़िए, मै आपके साथ हूं, पूरा देश आपके साथ है, हमारी यात्रा जारी रहेगी।
चंद्रयान-2 कब क्या हुआ
-48 दिन में 3.48 लाख किमी की यात्रा
-रात के 1.55 बजे चांद के करीब पहुंचा
-35 किमी ऊपर से सतह पर उतारने का काउंटडाउन 1.38 बजे शुरु हुआ
-जब 2.1 किमी ऊपर था तभी 1.55 इसरो से संपर्क टूटा
-काफी प्रयास और इंतजार के बाद 2.18 बजे के. सिवन ने बताया चंद्रयान-2 से संपर्क टूट गया
-वैज्ञानिकों ने कहा, संपर्क टूटा है उम्मीदें कायम हैं
-पहली बार हो रही थी दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग
-चांद के सतह पर उतारने के लिए रफ्तार शून्य कर दी गई
-चांद पर लैंडिंग के अब तक 38 प्रयास हुए
-इस प्रयासों में 52 फीसदी सफलता हासिल हुई है
-आर्बिटर करता रहेगा काम
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