पीएम मोदी ने कहा, आज दुनिया के देख लिया भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत है

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आज दुनिया ने जान लिया कितना जीवंत है भारत का लोकतंत्र, फैसले से एक बात को साफ हो गई कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा तो एक आलीशान मस्जिद भी लोगों के इस्तकबाल के लिए तामीर होगी। फैसले से यह भी साफ कर दिया कि इस मामले में न तो कोई जीता है और न ही कोई हारा, जनता ने भी जता दिया कि देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करना जानती है…
भारत की सर्वोच्च अदालत ने आज शनिवार 9 नवंबर 2019 को देश के सबसे विवादित मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया। इस फैसले में अदालत ने विवादित भूमि रामलला न्यास को सौंपते हुए मुस्लिमों के लिए अयोध्या मे ही पांच एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया है। अदालत के इस फैसले से एक बात को साफ हो गई कि अगर अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा तो वही पर एक आलीशान मस्जिद भी लोगों के इस्तकबाल के लिए तामीर होगी। सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले से यह भी साफ कर दिया कि इस मामले में न तो कोई जीता है और न ही कोई हारा है। इस बात को देश के जनता ने भी जता दिया कि देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करना जानती है। इस बीच पीएम मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में इसी बात का जिक्र किया है।
देश के नाम संदेश में पीएम मोदी ने कहा…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद शनिवार को देश के नाम अपने संदेश में कहा, सर्वोच्च अदालत ने ऐसे अहम मामले पर अपना फैसला सुनाया है जिसके पीछे सैकड़ों साल का इतिहास रहा है। पूरे देश की इच्छा थी कि इस मामले में जल्द फैसला आ जाए इसे लेकर अदालत ने हर रोज सुनवाई की। शनिवार को सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद दशकों तक चली इस मुद्दे पर न्याय प्रक्रिया का समापन हो गया।
दुनिया ने जाना भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत है
पीएम मोदी ने कहा, दुनिया जानती है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इस दुनिया ने जान भी लिया कि भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत है। भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है और आय ये मंत्र अपनी पूर्णता के साथ खिला हुआ नजर आ रहा है। हजारों साल बाद भी अगर भारत के इस गुण को समझना होगा तो सर्वोच्च अदालत के इस फैसले का उल्लेख जरुर करेगा। ये घटना इतिहास के पन्नों से उठाई हुई नहीं है, देश के सवा सौ करोड़ लोगों ने इसका सृजन किया है। यह भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए भी एक स्वर्णिम दिन है।
भारतीय न्यायपालिका का अभिनंदन
पीएम मोदी ने कहा, देश की सर्वोच्च अदालत ने 40 दिनों तक लगातार सबको सुना और इससे बड़ी बात यह है यह फैसला सर्वसम्मति से आया है। एक नागरिक होने के नाते हम जानते हैं कि घर में भी कोई फैसला सुलझाना होता है तो कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीएम मोदी ने कहा देश के न्यायाधीश, न्यायालय और न्याय पालिक इसके लिए अभिनंदन के काबिल है।
आज ही के दिन बर्लिन की दीवार गिरी और करतारपुर कॉरिडोर शुरु हुआ
पीएम मोदी ने कहा आज के दिन इससे पहले भी एक बड़ी ऐतिहासिक घटना घटी थी। आज 9 नवंबर है और आज ही के दिन जर्मनी में बर्लिन की दीवार गिरी थी, अब आज के ही दिन करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई है, इसमें भारत का भी सहयोग है और पाकिस्तान का भी, इसके लिए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को धन्यवाद। उन्होंने कहा 9 नवंबर की तारीख हमे साथ आगे बढ़ने का संदेश दे रही है, आज की दिन जुड़ने और आगे बढ़ने के दिन है। इस संबंध मनें अगर किसी के मन में कटुता है तो उसकी तिलांजलि देने का दिन है।
फैसला नया सवेरा लेकर आया है
पीएम मोदी ने कहा, सर्वोच्च अदालत के फैसले ने देश को बड़ा संदेश दिया है। कठिन से कठिन मसले का हल कानून और संविधान के दायरे से ही आता है। हमें इससे सीख लेनी चाहिए भले कुछ वक्त लगे लेकिन धैर्य रखना जरुरी होता है। पीएम मोदी ने कहा, हमें भारतीय संविधान और उसकी न्याय प्रणाली पर अडिग विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये फैसला एक नया सवेरा लेकर आया है।
हमें भविष्य की तरफ देखना है और आगे बढ़ना है
पीएम ने कहा कि इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो लेकिन अब हमें संकल्प लेना होगा कि नई पीढ़ी नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुट जाएगी। हम आज नया इंडिया बनाने का संकल्प लेना होगा। हमें सबको साथ लेते हुए, सबको विश्वास में लेते हुए आगे ही बढ़ते जाना है। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने जनता से अपील की है कि अब हर नागरिक की राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी बढ़ी है। हमारे बीच सौहार्द, शांति और स्नेह विकास के लिए अहम है। हमें भविष्य की तरफ देखना है और उनके लिए काम करना है।
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