अयोध्या विवादः मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर बोले CJI हम इस केस को भूल चुके हैं

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अयोध्या विवाद में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से विवादित जमीन पर दावा वापस लेने की बात कही। इसके बाद बाकी पक्षकार समझौते को लेकर तैयार नहीं हुए। इस मामले पर अदालत की तरफ से फैसला सुरक्षित किया जा चुका है। उम्मीद की जा रही है कि अयोध्या केस पर शीर्ष अदालत की तरफ से 17 नवंबर तक फैसला सुना दिया जाएगा।
इस बीच एक वकील ने अयोध्या मामले में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर अपना दो पेज का नोट दायर करने की अनुमति मांगी। इस पर चीफ जस्टिस ने पूछा ‘क्या अयोध्या मामला अभी भी चल रहा है?’ नहीं, अदालत ने कहा, इस मामले में फैसला सुरक्षित किया जा चुका है। हम अब इस केस को भूल चुके हैं। आप भी भूल जाइए। 40 दिन तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को 70 वर्ष पुराने अयोध्या केस में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 6 अगस्त से मामले में रोजाना सुनवाई शुरू की थी। इससे पहले अदालत द्वारा नियुक्त मध्यस्थता पैनल मामले को सुलझाने में विफल रही थी। पैनल की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश कर रहे थे।
प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने कहा, ‘सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसले को सुरक्षित रख लिया गया है। ऐसी उम्मीद है कि 17 नवंबर को अपनी रिटायरमेंट से पहले प्रधान न्यायाधीश मामले में फैसला सुनाएंगे। पीठ में न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.ए. नजीर शामिल हैं।
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