तीस हजारी कोर्ट मामलाः वकीलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने खोला मोर्चा, कही बड़ी बात

0
24
कानून के रखवाले पुलिस और वकील कार पार्किग जैसी मामूली सी बात पर आपस में भिड़ गए। झगड़ा शुरु हुआ और हिंसक रूप ले लिया। वकीलों ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा तो उन्होंने ने आम आदमी, मीडिया और ऑटो वालों को भी नहीं बख्शा। लेकिन अब मामला तूल पकड़ने लगा है।

अब पुलिस वालों ने भी वकीलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

दिल्ली पुलिस ने किया प्रदर्शन

अब इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ही नहीं उनके रिश्तेदार और परिजन भी वकीलों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं और अब वह पुलिस मुख्यालय पहुंच रहे हैं। इसके अलावा आईटीओ पार भारी संख्या में रिटायर्ड पुलिसकर्मी भी एकत्रित हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की खुफिया इकाई के एक आला अधिकारी ने बताया कि अगर यह प्रदर्शन जारी रहा तो थाने और चौकियां खाली हो सकती हैं।
पुलिस कर्मियों मे लगाए नारे, हमे न्याय चाहिए

आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने हमें न्याय चाहिए के नारे लगाए और कहा कि हमे असुरक्षा का अहसास हो रहा है। इस दौरान पुलिसकर्मियों से दिल्ली पुलिस कमीश्नर से भी मुलाकात की। पुलिस कमीश्नर ने पुलिसमकर्मियों को आश्वासन दिया कि न्यायिक जांच चल ही है और ड्यूटी पर वापस लौट आएं।
पुलिस कमीश्नर ने कहा, जनता को हमसे उम्मीदें हैं

पुलिस कमीश्नर अमूल्य पटनायक ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आप शांति बनाए रखें, सरकार और जनता को हमसे उम्मीदें हैं, हमारे लिए ये परीक्षा की घड़ी है, आप ड्यूटी पर वापस जाएं, इस मसले की न्यायिक जांच चल रही है। हमारे लिए परीक्षा, अपेक्षा और प्रतीक्षा का घड़ी है। हमें अनुशासन बनाए रखना है, हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं।

विशेष आयुक्त ने की घोषणा
इस बीच दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णिया ने तीस हजारी कोर्ट मामले में घायल सभी पुलिसकर्मियों को कम से कम 25 हजार रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।
उपराज्यपाल ने कहा

तीस हजारी कोर्ट के मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल, अनिल बैजल ने कहा है कि घायल अधिवक्ताओं और पुलिस कर्मियों के लिए सर्वोत्तम उपचार का व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के घायल जवानों और अधिकारियों को भी उपयुक्त मुआवजा दिया जाए।
पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक
दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कहा है कि आज पुलिस द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। जो आज हुआ हम भविष्य में अनुशासन के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए पुलिस के जवानों से अनुरोध करेंगे।

इस बीच वकीलों के इस दुर्व्यवहार के खिलाफ सड़कों पर उतरे दिल्ली पुलिस के जवानों ने पुलिस मुख्यालय में कैंडल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया है।
ऐसे शुरु हुआ विवाद
इस बीच तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसा का नया सीसीटीवी फ़ुटेज सामने आया है। इस फुटेज में घटना की सारी कहानी कैद है। एक वकील पुलिस वैन के बगल में अपनी कार लगा देता है। पुलिसकर्मी उसके पास जाता है और वहां से कार हटाने को कहता है। दोनों के बीच पहले बहस होती है और फिर हाथापाई. इसके बाद पुलिसवाला वकील को लॉकअप में डाल देता है। इस दौरान कोई मारपीट नहीं होती है। कुछ देर बाद वकील को लॉकअप से छोड़ दिया जाता है और वो वहां से चला जाता है। थोड़ी देर बाद वकील अपने साथी वकीलों के साथ पुलिस के पास पहुंचता है और मारपीट की शुरुआत होती है।
loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here