रिश्वत खोर कांस्टेबल के घर की तलाशी में मिले दस्तावेज देख एंटी करप्शन ब्यूरो के छूटे पसीने

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करोड़पति हेड कांस्टेबल, यह कोई कौन बनेगा करोड़पति का मंच नहीं ये है पुलिस की कारगुजारियों की नजीर। यह वह नजीर है जो देशभर के पुलिस के चरित्र को उजागर करती है। कमीशन या घूस लेना उनकी चारित्रिक विशेषता है जिसे लाख प्रयासों के बाद भी दूर नहीं किया जा सका है। हालांकि सरकारें अक्सर पुलिस के चरित्र को सुधारने का बाते कहती हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं दिखा कि वाकई उनके इस चरित्र में कोई सुधार परलक्षित होता हो। ताजा मामला है राजस्थान के उदयपुर के गोगुंदा थाने का।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम में राजस्थान के उदयपुर के गोगुंदा थाने के हेड कॉन्स्टेबल मालीराम चौधरी को शुक्रवार को 11 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिस कांस्टेबल को वह गिरफ्तार कर रहे हैं दरअसल वह करोड़पति है और उसकी पहुंच बहुत ऊंची है।
उच्च अधिकारियों तक इस मामले की जानकारी दे दी गई है। मालीराम के घर से कई फाइलें और दस्तावेज मिले हैं जिसकी जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि 2014 में ही इलाके के डीएसपी ने मालीराम के बारे में लिखा था इसके कारनामे पुलिस की छवि बिगाड़ने वाले हैं, लेकिन अपने रसूख के बल पर मालीराम बच गया और उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
उदयपुर के आदिवासी इलाके में तैनात गोगुंदा थाने के हेड कॉन्स्टेबल मालीराम चौधरी के घर की जब तलाशी ली गई तो एसीबी की टीम हैरान रह गई। उसके घर से उदयपुर और राजसमंद जिलों के 40 शहरों और कस्बों में बेशकीमती जमीनों की रजिस्ट्री और एग्रीमेंट मिले।
जांच में सामने आया है कि मालीराम अपनी नौकरी के दौरान जिस थाने में रहा वहां पर उसने गैरकानूनी तरीके से आदिवासियों की जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा रखी है। गोगुंदा थाने में मालीराम आदिवासियों के सर्वे करने का इंचार्ज था। सरकार ने आदिवासी इलाकों में सर्वे करने के लिए पुलिस थानों को जिम्मा दी है, जिससे उनको सरकार की सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
मालीराम ने अपने इस ओहदे का इस्तेमाल आदिवासियों की जमीन हड़पने में किया। रिश्वतखोरी के अलावा मालीराम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो के एसपी सुधीर जोशी ने कहा कि मालीराम की गिरफ्तारी के बाद कई लोग सामने आए जिन्होंने जबरन जमीन हड़पने के आरोप लगाए हैं।
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